बिजली बिल को लेकर शिवराज सरकार के खिलाफ कमलनाथ का हल्लाबोल


भोपाल।
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना संकट के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिला भी तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश में संभावित उपचुनावों को देखते हुए कांग्रेस और बीजेपी एक-दूसरे पर तंज कसने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान () जहां कमलनाथ सरकार के 15 महीनों के शासनकाल के दौरान लिए गए फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं कमलनाथ (Former MP CM Kamalnath) भी बीजेपी सरकार को कटघरे में खड़ा करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। ताजा मामला प्रदेश के उपभोक्ताओं की बिजली बिल का है जिसको लेकर कमलनाथ ने एक के बाद एक ट्वीट कर शिवराज सरकार पर हमला बोला है। इस मुद्दे पर उन्होंने मुख्यमंत्री चौहान को चिट्ठी भी लिखी है।

उद्योगों को भी मिले राहत
शुक्रवार को कमलनाथ ने मांग की कि प्रदेश सरकार तीन महीने के लिए उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत दे। उन्होंने सामान्य उपभोक्ताओं के साथ उद्योग जगत के लिए भी तीन महीने का बिजली बिल माफ करने की मांग की है।

बिल के साथ हर तरह का शुल्क माफ हो
कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा कि हम बिजली बिलों को लेकर कई बार शिवराज सरकार से मांग कर चुके हैं। को देखते हुए प्रदेश की जनता का 3 माह का बिजली का बिल तत्काल माफ किया जाए। साथ ही देश के अन्य राज्यों की तरह प्रदेश सरकार भी उद्योगों को इस संकटकाल में भी आ रहे भारी-भरकम बिजली बिलों में राहत प्रदान करे। लॉकडाउन की अवधि में करीब 60 दिन से उद्योग बंद पड़े हैं, फिर भी उन्हें लाखों के बिल थोपे जा रहे हैं। फिक्स्ड चार्ज से लेकर न्यूनतम यूनिट चार्ज, लाइन लॉस चार्ज, विलंब चार्ज सहित अन्य चार्ज में लॉकडाउन की अवधि में सरकार छूट प्रदान करे।

शिवराज ने बिठाई है जांच
इधर, प्रदेश की शिवराज सरकार ने कमलनाथ के 15 महीने के शासनकाल के दौरान लिए गए फैसलों की जांच कर रही है। इसके लिए एक मंत्री समूह का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा था कि किसान कर्ज माफी और अन्य योजनाओं में घोटाले की आशंका है, इसलिए जांच जरूरी है।

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