शिवराज सरकार ने शुरू किया श्रम सिद्धी अभियान, ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की बदलेगी किस्‍मत| Shivraj government started Shram Siddhi campaign mpss nodark | bhopal – News in Hindi

शिवराज सरकार ने शुरू किया 'श्रम सिद्धी अभियान', ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की बदलेगी किस्‍मत

श्रम सिद्धी अभियान में सबको मिलेगा काम

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने श्रम सिद्धी अभियान (Shram Siddhi Abhiyan)की शुरुआत की है. इससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को फायदा होगा.

भोपाल. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan)ने सरपंच शब्द के नए मायने बताए हैं. शुक्रवार को मंत्रालय में श्रम सिद्धी अभियान (Shram Siddhi Abhiyan)की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने सरपंच शब्द की नए मायनो में व्याख्या की. उन्‍होंने कहा कि सरपंच गांवों के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं और सरपंच शब्द में ‘स’ का अर्थ है समानदर्शी, ‘र’ का अर्थ है रत्न, ‘प’ का अर्थ है परिश्रमी तथा ‘च’ का अर्थ है चौकीदार. सरपंच समानदर्शी होते हैं, रत्न के समान होते हैं, परिश्रमी होते हैं और वे ग्राम की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. सीएम ने प्रदेश की हर पंचायत में श्रम सिद्धी अभियान की शुरुआत  वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये से की. इस ने मौके पर सीएम ने ग्राम पंचायतों के सरपंचों तथा मजूदरों से बातचीत कर अभियान की जानकारी दी. श्रम सिद्धी अभियान के तहत ऐसे मजदूर जिनके जॉब कार्ड नहीं है, उनके जॉब कार्ड बनवाकर मजदूर को काम दिलाया जाएगा.

श्रम सिद्धी अभियान में सबको काम
श्रम सिद्धी अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्र में हर व्यक्ति को काम दिया जाएगा. इसके लिए घर-घर सर्वे किया जाएगा और जिनके पास जॉब कार्ड नहीं है उनके जॉब कार्ड बनाकर दिए जाएंगे. यही नहीं, जो मजदूर अकुशल होंगे उन्हें मनरेगा में कार्य दिलाया जाएगा. जबकि कुशल मजदूरों को उनकी योग्‍यता के अनुसार काम दिलाया जाएगा.

आपको बता दें कि फिलहाल प्रदेश की 22 हजार 809 ग्राम पंचायतों में से 22 हजार 695 में मनरेगा के कार्य चल रहे हैं. इन कार्यों में अभी तक 21 लाख एक हजार 600 मजदूरों को रोजगार दिया गया है, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दो गुना है.प्रवासी मजदूर संबल योजना में होंगे शामिल

प्रदेश सरकार प्रवासी मजदूरों को भी संबल योजना से जोड़ने का फैसला किया है. इसके तहत गरीबों के बच्चों की फीस, बच्चे के जन्म और उसके बाद मां को 16 हजार रुपए की राशि, बच्ची के विवाह की व्यवस्था, सामान्य मृत्यु पर दो लाख, दुर्घटना में मृत्यु पर चार लाख और अंतिम संस्कार के लिए पांच हजार रुपए देने का प्रावधान है.

पंचायतों को पुरस्कार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरंपचों से कहा कि वे अपने क्षेत्रों में गांव की जरूरत के हिसाब से अच्छा काम कराएं. अच्छा काम करने वाली ग्राम पंचायतों को दो लाख रुपए का प्रथम, एक लाख रुपए का द्वितीय तथा 50 हजार रुपए का तृतीय पुरस्कार प्रदान किया जाएगा. यह पुरस्कार सबसे ज्यादा जॉब कार्ड बनवाने, सबसे ज्यादा मजदूरों को काम पर लगवाने, सबसे ज्यादा काम शुरू करवाने और सबसे ज्यादा स्थाई महत्व की संरचनाएं बनवाए जाने पर दिए जाएंगे.

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First published: May 22, 2020, 11:58 PM IST

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