5 जून को चंद्रग्रहण, जानिए एमपी में कब शुरू होगा ग्रहण

Edited By Aditya Pujan | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

NBT

उज्जैन।

Lunar Eclipse 2020 in MP: 5 जून को साल 2020 का दूसरा चंद्रग्रहण लगने जा रहा है। 3 घंटे 18 मिनट तक लगने वाले ग्रहण की शुरुआत 5 जून की रात 11 बजकर 16 मिनट पर होगा। यह 6 जून को रात 2 बजकर 55 मिनट तक चलेगा। चंद्रग्रहण एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका में लगेगा। भारत में भी निर्धारित समय पर इसकी शुरुआत होगी। हालांकि, उपछाया ग्रहण होने के चलते ग्रहण काल में किसी भी काम पर बंदिश नहीं होगी। देश के दूसरे हिस्सों की तरह मध्य प्रदेश में भी चंद्रग्रहण तय समय पर शुरू होगा।

एमपी में कैसा दिखेगा चंद्रग्रहण

महाकाल की नगरी उज्जैन के पंडितों ने बताया कि उपछाया चंद्रग्रहण, छाया की छाया वाला माना जाता है जिसमें चंद्रमा के आकार पर कोई प्रभाव नही पड़ता। इसमें चंद्रमा की चांदनी में धुंधलापन आ जाता है।

इमरती देवी का तंज, कांग्रेस के पास कोई चेहरा नहीं, इसलिए रेवड़ियों की तरह पद बांट रही

चंद्रग्रहण का असर

पंडितों का कहना है कि 5 जून को लगने वाले चंद्रग्रहण से ज्यादा प्रभावकारी 21 जून को लगने वाला सूर्य ग्रहण होगा। एमपी में यह राजनीतिक क्षेत्र में उथल-पुथल का कारण बन सकता है। इस चंद्रग्रहण के दौरान सूतक नहीं लगेगा। मंदिरों के पट भी बंद नहीं किए जाएंगे। आगर के ज्योतिषाचार्य पारष कुमार का कहना है कि चंद्र ग्रहण पर उपछाया होने के कारण किसी भी दोष का वेग कम हो जाता है। यदि ये पूर्ण चंद्रग्रहण होता तो असर ज्यादा होता।

इस महीने 3 ग्रहण

इस साल जून-जुलाई में 2 उपछाया (मांध) चंद्र और एक कंकड़ आकृति सूर्य ग्रहण लगेगा। पहला उपछाया चंद्रग्रहण 5-6 जून की दरमियानी रात 11.16 से 2.34 की मध्य रात्रि में घटित होगा। इसके बाद 21 जून को चूड़ामणि सूर्यग्रहण लगेगा। ये कंकड़ की आकृति वाला सूर्यग्रहण होगा। इसके बाद 5 जुलाई को फिर चंद्रग्रहण का योग है। ये भी उपछाया चंद्रग्रहण होगा।

58 साल बाद बना ऐसा योग

एक माह में तीन ग्रहण लगने वाला योग 58 साल पहले जुलाई-अगस्त माह में बना था। तब शनि देव वक्री यानी उल्टी चाल से चल रहे थे। ये योग अब 2020 में जून-जुलाई में बन रहा है। ये पूरा साल ही ग्रहण का है। जनवरी महीने में सूर्यग्रहण लगा था और 14 दिसम्बर को भी चंद्रग्रहण लगेगा। इस तरह इस साल 6 ग्रहण लगेंगे।

चंद्रग्रहण की जगह सूर्यग्रहण का होगा ज्यादा असर

ग्रंथों के आधार पर माना जाता है कि ऐसे योग में अर्थिक संकट, वैश्विक उथल-पुथल, आंतरिक विद्रोह, प्राकृतिक आपदाएं, राजा को कष्ट आदि देखने को मिलते हैं। चंद्रग्रहण से ज्यादा सूर्यग्रहण प्रभावित करेगा।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *